पश्चिमी चम्पारणबिहार

ना दो गज दूरी ना मास्क है जरूरी बल्कि बस चालको को पैसा है जरुरी।

बगहा(प.च)।

कोविन्ड 19 करना संक्रमण से लोगों के बचाव के लिए सरकार द्वारा लगातार व भरपूर कोशिश की जा रही है वहीं बस चालक, कंडक्ट अपने लाभ के लिए उन प्रयासों पर पानी फेरते नजर आ रहें हैं। आम लोग ‘दो गज दूरी और मास्क है जरुरी’ तथा ‘जब तक दवाई नहीं तब तक ढिलाई नहीं’ को अमल में ला रहें हैं लेकिन बस वाले उसे धत्ता बताते हुए मनमानी कर यात्रियों के जान से खिलवाड़ कर रहें हैं। स्थानीय जनता एवं यात्रियों को बगहा की बदहाल रेल परिचालन से शारीरिक, आर्थिक एवं मानसिक रुप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वही बगहा से जिला मुख्यालय बेतिया के लिए सीधी पैसेंजर रेल सेवा, लम्बी दूरी के लिए पर्याप्त रेल सुविधा नहीं होने के कारण बस आदि से यात्रा के लिए मजबूरन यात्रियों को अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं और जान का जोखिम अलग। यात्री जल्द पहुँचने की चाह में मजबूरन बस वालों के चक्कर में पड़ ही जाते हैं। सरकार ने इससे संबंधित महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी किए हैं। बसों में सीटों के अनुसार बैठाने, नियमित रुप से सेनेटाईज करने, सभी को मास्क पहने की अनिवार्यता है लेकिन चंद पैसों के लालच में बस परिचालन में नियमों की अनदेखी कर सरकार के प्रयासों को कमतर किए जा रहें हैं। हाँलाकि शिक्षित एवं जागरुक लोग एहतियात बरत रहें हैं लेकिन ऐसे कारनामों से कोरोना संक्रमण के खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सरकार के निर्देशों का अनुपालन हो इसके लिए जनता को सहयोग करना होगा तथा प्रशासन को ऐसे बस चालकों पर उचित कार्रवाई करनी चाहिए ताकि ऐसे भीड़ भरे परिचालन पर रोक लगे। वहीं स्थानीय सुनिल कुमार ‘राउत’, शक्ति प्रकाश, पप्पु कुमार एवं यात्रियों का कहना है कि मुख्यमंत्री बगहा को जिला बनाने का वादा किये हैं, बगहा जिला बनने से यहाँ सुविधाएँ भी बढ़ेंगी। बगहा भौगोलिक रुप से उत्तरप्रदेश- बिहार एवं भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र का बॉर्डर क्षेत्र होने के साथ-साथ पुलिस जिला है। बगहा शहर, रेलवे स्टेशन एवं मुख्यालय होने के कारण आस-पास के क्षेत्रों के लोग यहाँ व्यवहार न्यायालय, अनुमंडलीय अस्पताल, अनुमंडल मुख्यालय, नगरपरिषद, प्रखंड मुख्यालय में विभिन्न कार्यों एवं खरीददारी एवं यात्रा के उद्देश्य से आते रहते हैं। यहाँ हर ओर से लोगों का आवागमन होता है। बगहा का क्षेत्र काफी विस्तृत है जो वाल्मीकिव्याघ्र आरक्ष, वाल्मीकिनगर, गंडक पार, दोन क्षेत्र, सुदूरवर्ती सीमावर्ती क्षेत्रों तक फैला है। बगहा जिला, आरओबी बनने के साथ ही बगहा से पर्याप्त रेल परिचालन होना चाहिए जिससे विस्तृत क्षेत्र के लोगों को लाभ होगा साथ ही सरकार को भी राजस्व का लाभ होगा।