पश्चिमी चम्पारणबिहार

प्रकाश का पर्व दीपावली आज, चारों तरफ उत्साह।

मैनाटाड़(प.च)।

कामास की अमावस्या को प्रकाश का पर्व दीपावली मनाने को लेकर प्रखंड क्षेत्र में काफी उल्लास है। खासकर बच्चों में अजीब की खुशी देखी जा रही है।आचार्य सुनील मिश्रा ने बताया कि उस दिन से यह त्यौहार मनाया जा रहा है जब श्रीराम लंकापति रावण को पराजित कर और अपना वनवास समाप्त कर अयोध्या वापस लौटे थे। उस दिन अयोध्यावासियों ने कार्तिक अमावस्या की रात अपने-अपने घरों में घी के दीप प्रज्वलित कर खुशियां मनाई थी। दीपावली पर विशेष रूप से लक्ष्मी पूजन करने की परंपरा है। मां लक्ष्मी के साथ-साथ गणेश पूजन, कुबेर पूजन और बही-खाता पूजन भी किया जाता है। दिवाली पर उपासक को अपने सामर्थ्य के अनुसार व्रत करना चाहिए।दीपावली पूजन मुहूर्तआचार्य श्री मिश्रा के अनुसार इस दिन पूरा दिन ही शुभ माना जाता है.।इस दिन किसी भी समय पूजन कर सकते हैं ।लेकिन प्रदोष काल से लेकर निशाकाल तक समय शुभ होता है।जो इस दिन बही बसना पूजन करने हैं उनको ही राहु काल का विचार करना चाहिए। जो लोग सिर्फ गणेश लक्ष्मी जी का पूजन करें उनको विचार नहीं करना चाहिए। क्योंकि अमावस्या तिथि पर राहु काल का दोष नहीं होता।वहीं सिंह लग्न में भी पूजा करना शुभ माना गया है।