बिहार

लगातार आठ बार विधानसभा चुनाव जीतने वाले डॉ प्रेम कुमार को मंत्री नहीं बनाने पर चंद्रवंशियों में आक्रोश।

लखीसराय से राजेश कुमार की रिपोर्ट 
लखीसराय. बिहार विधानसभा चुनाव में गया टॉउन से लगातार आठ बार विधानसभा पहुंचने का रिकार्ड कायम करने वाले सह अखिल भारतवर्षीय चंदवंशी क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार को नीतीश मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होने पर महासभा में आक्रोश देखा जा रहा है तथा भाजपा के प्रति महासभा के सदस्यों ने नाराजगी व्यक्त की है. महासभा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सह उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार चंद्रवंशी, राष्ट्रीय प्रचार-प्रसार लखीसराय जिलाध्यक्ष दिनेश प्रसाद चंद्रवंशी एक प्रेस बयान में कहा कि जिस समय भाजपा का बिहार में ज्यादा स्थिति मजबूती भी नहीं थी, उसी समय उन्होंने गया टॉउन से जीतना शुरू किये जो आजतक कायम है. उन्होंने कहा कि डॉ कुमार एबीपीवी सदस्य के तौर पर छात्र राजनीति से जुड़े तथा 1980 में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की, इसके बाद पहली बार वर्ष 1990 बिहार विधानसभा का चुनाव लड़े जिसमें उन्हें जोरदार सफलता मिली तथा इसके बाद वे पीछे मुड़कर नहीं देखे एवं उस समय से लगातार जीतते आ रहे हैं. इसके बावजूद भाजपा द्वारा उनकी उपेक्षा किया जाना गलत है. उन्होंने कहा कि इसबार विधानसभा चुनाव में अतिपिछड़ा पार्टी समाज उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में देख रही थी तथा तथा नीतीश कुमार के प्रति नाराजगी के बावजूद एनडीए को वोट देकर जीताने का काम किया लेकिन उन्हें सीएम तो क्या न ही डिप्टी सीएम और किसी मंत्रिमंडल में शामिल घोर आश्चर्य है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि पार्टी ने वरीयता के आधार पर नहीं बल्कि चाटूकरिता के आधार पर कई नेताओं मंत्री बनाया है.